हेल्लो दोस्तों, हमारी Java Programming सीरीज में आपका स्वागत है। पिछली पोस्ट में हमने ऑपरेटर्स के बारे में पढ़ा था। इस पोस्ट में हम जानेंगे जावा प्रोग्राम में If-else के बारे में (If-else in Java in Hindi).
अब तक हमारा प्रोग्राम एक सीधी लाइन में चल रहा था। लेकिन क्या हो अगर हमें कुछ शर्तों (Conditions) के आधार पर अलग-अलग काम करने हों? जैसे: “अगर पासवर्ड सही है तो लॉगिन करो, वरना एरर दिखाओ।”
इस काम के लिए हम Decision Making Statements (If-else) का यूज़ करते हैं। आज हम जानेंगे कि Java में if, else-if और switch case का इस्तेमाल कैसे करते हैं।
What is Decision Making in Java in Hindi? – जावा में निर्णय लेना क्या है?
Decision making का मतलब है किसी शर्त (Condition) को चेक करना और उसके आधार पर यह तय करना कि कोड का कौन सा हिस्सा चलेगा।
Java में इसके लिए हम मुख्य रूप से 2 चीजों का इस्तेमाल करते हैं:
- if-else statements (अगर-मगर)
- switch statement (मेन्यू कार्ड)
[Image of if else statement flowchart in java]
1. Simple if Statement
इसका इस्तेमाल तब होता है जब हमें सिर्फ एक ही शर्त चेक करनी हो।
Syntax:
if (condition) {
// अगर शर्त सच (true) है, तो यह कोड चलेगा
}Example:
int age = 20;
if (age > 18) {
System.out.println("You can Vote!");
}2. if-else Statement (सबसे जरुरी)
इसका इस्तेमाल तब होता है जब हमारे पास दो रास्ते हों। “अगर ऐसा हुआ तो ये करो, वरना वो करो।”
Syntax:
if (condition) {
// शर्त सही होने पर
} else {
// शर्त गलत होने पर
}Example (Pass/Fail Logic):
int marks = 30;
if (marks >= 33) {
System.out.println("Pass");
} else {
System.out.println("Fail");
}3. else-if Ladder (मल्टीपल कंडीशन्स)
जब हमारे पास 2 से ज्यादा शर्तें हों, तो हम else if का यूज़ करते हैं।
Example (Grading System):
int marks = 85;
if (marks >= 90) {
System.out.println("Grade A");
} else if (marks >= 80) {
System.out.println("Grade B");
} else if (marks >= 70) {
System.out.println("Grade C");
} else {
System.out.println("Fail");
}इसमें ऊपर से नीचे चेक किया जाता है। जो भी पहली शर्त सही मिलती है, वो चल जाती है और बाकी सब इग्नोर हो जाती हैं।
4. Switch Case Statement
जब हमारे पास बहुत सारे ऑप्शन्स हों (जैसे रेस्टोरेंट का मेन्यू), तो बार-बार else-if लिखने की जगह हम switch का यूज़ करते हैं। यह कोड को साफ़-सुथरा बनाता है।
Example (Day of Week):
int day = 3;
switch (day) {
case 1:
System.out.println("Monday");
break;
case 2:
System.out.println("Tuesday");
break;
case 3:
System.out.println("Wednesday");
break;
default:
System.out.println("Invalid Day");
}Note: break लगाना बहुत जरुरी है, वरना यह अगली लाइन (Case) को भी प्रिंट कर देगा।
Conclusion – निष्कर्ष
हमें उम्मीद है कि इस पोस्ट से आपने Decision Making in Java in Hindi को अच्छे से समझ लिया होगा।
याद रखें: अगर कंडीशन्स कम हैं तो if-else यूज़ करें, और अगर कंडीशन्स बहुत ज्यादा हैं (जैसे 10-15 ऑप्शन्स), तो switch case बेहतर है।
अगली पोस्ट में हम “Loops in Java” (For Loop, While Loop) के बारे में पढ़ेंगे, जिससे हम एक ही काम को बार-बार कर सकेंगे।
FAQs
Q1. switch case में break का क्या काम है?
Ans: break कोड को वहीं रोक देता है और switch से बाहर निकाल देता है। अगर break नहीं लगाएंगे, तो आगे के cases भी रन हो जायेंगे (इसे Fall-through कहते हैं)।
Q2. क्या हम if के बिना else लिख सकते हैं?
Ans: नहीं, else हमेशा if के साथ ही आता है।
Q3. if-else और switch में कौन तेज है?
Ans: अगर बहुत सारे cases हैं, तो आमतौर पर switch थोड़ा तेज काम करता है।